बिजनौर: जिला कारागार के बाहर पेड़ से लटकी मिली कैदी की लाश, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप; पुलिस के साथ तीखी झड़प
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां जेल से पैरोल पर बाहर आए एक कैदी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला। इस घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब आक्रोशित परिजनों की पुलिस के साथ हाथापाई हो गई।
घटना का विवरण: सुबह-सुबह दहला बिजनौर
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में कानून व्यवस्था और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवालिया निशान लग गए हैं। जानकारी के अनुसार, बिजनौर जिला कारागार के पास स्थित एक बाग में एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ पाया गया। मृतक की पहचान एक कैदी के रूप में हुई है, जो हाल ही में पैरोल पर बाहर आया था।
जैसे ही स्थानीय लोगों ने शव को देखा, इलाके में जंगल की आग की तरह खबर फैल गई। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और सूचना मिलते ही परिजन भी वहां पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने सीधे तौर पर इसे आत्महत्या मानने से इनकार कर दिया है। JantaMitra की रिपोर्ट के अनुसार, परिजनों का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है।
परिजनों का गंभीर आरोप: "यह आत्महत्या नहीं, हत्या है"
मृतक के परिजनों ने पुलिस और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मृतक की किसी से कोई निजी दुश्मनी नहीं थी और वह पैरोल की अवधि पूरी कर वापस लौटने की तैयारी में था। परिजनों ने आरोप लगाया कि शरीर पर चोट के कुछ निशान हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि पहले उसके साथ मारपीट की गई और फिर उसे फंदे पर लटका दिया गया ताकि मामला आत्महत्या का लगे।
घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने भी इस बात पर आश्चर्य जताया कि जेल के इतने करीब इस तरह की वारदात कैसे हो गई। परिजनों ने मांग की है कि जब तक उच्च अधिकारी मौके पर नहीं आते और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन नहीं मिलता, वे शव को वहां से हटने नहीं देंगे।
पुलिस और परिजनों के बीच तीखी झड़प और हाथापाई
जैसे ही पुलिस की टीम शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कोशिश करने लगी, परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। देखते ही देखते स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस और परिजनों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई घंटों तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाने की कोशिश की और आश्वासन दिया कि मामले की तह तक जाकर सच्चाई का पता लगाया जाएगा।
जेल प्रशासन और सुरक्षा पर उठते सवाल
जिला कारागार के इतने पास इस तरह की घटना होना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक माना जा रहा है। JantaMitra के सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि मृतक पैरोल के दौरान किन-किन लोगों के संपर्क में था। पुलिस कॉल डिटेल्स और आसपास के लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि मौत से पहले वह किसके साथ था।
जांच के मुख्य बिंदु:
- क्या मृतक को पहले से कोई धमकी मिल रही थी?
- पैरोल के दौरान उसकी गतिविधियां क्या थीं?
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का असली कारण क्या निकलता है (दम घुटना या चोट)?
- क्या इस मामले में कोई आपसी रंजिश का एंगल शामिल है?
पुलिस का आधिकारिक बयान
बिजनौर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, "प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन परिजनों के आरोपों को ध्यान में रखते हुए हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं। यदि किसी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।"
निष्कर्ष
बिजनौर की यह घटना न केवल एक परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि यह क्षेत्र में उपजे तनाव का केंद्र भी बन गई है। पुलिस के साथ परिजनों की हाथापाई ने स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। अब सबकी नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस गुत्थी को सुलझाने में अहम भूमिका निभाएगी। क्या यह वाकई आत्महत्या है या इसके पीछे कोई गहरा षड्यंत्र? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल बिजनौर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें