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| फोटो साभार: जनता मित्र न्यूज़ डेस्क - उत्तर कोरिया द्वारा दागी गई मिसाइल का प्रतीकात्मक चित्र |
जनता मित्र एक्सक्लूसिव: किम जोंग-उन का नया 'शक्ति प्रदर्शन'; उत्तर कोरिया ने पूर्वी तट से दागी बैलिस्टिक मिसाइल, जापान और दक्षिण कोरिया में अलर्ट!
प्योंगयांग/सियोल | अंतरराष्ट्रीय डेस्क – जनता मित्र
दुनिया का ध्यान जब मध्य-पूर्व के संकट पर टिका है, ठीक उसी समय उत्तर कोरिया (North Korea) ने एक बार फिर समुद्र में मिसाइल दागकर सनसनी फैला दी है। 'जनता मित्र' को मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से एक अज्ञात बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है।
दुनिया का ध्यान जब मध्य-पूर्व के संकट पर टिका है, ठीक उसी समय उत्तर कोरिया (North Korea) ने एक बार फिर समुद्र में मिसाइल दागकर सनसनी फैला दी है। 'जनता मित्र' को मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से एक अज्ञात बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है।
यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इस परीक्षण के तुरंत बाद जापान और दक्षिण कोरिया की सेनाओं ने 'हाई अलर्ट' घोषित कर दिया है और मिसाइल के प्रक्षेपवक्र (Trajectory) का विश्लेषण किया जा रहा है।
परीक्षण का समय और रणनीतिक महत्व (जनता मित्र विश्लेषण)
उत्तर कोरिया के इस कदम को केवल एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि एक कड़ा संदेश माना जा रहा है:
- अमेरिका-दक्षिण कोरिया को चेतावनी: उत्तर कोरिया अक्सर अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास के विरोध में अपनी ताकत दिखाता है। यह परीक्षण किम जोंग-उन की 'युद्ध की तैयारी' का हिस्सा हो सकता है।
- नई तकनीक का परीक्षण: रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक नई ठोस-ईंधन (Solid-fuel) वाली मिसाइल हो सकती है, जिसे लॉन्च करने में बहुत कम समय लगता है और इसे इंटरसेप्ट करना मुश्किल होता है।
- अंतरराष्ट्रीय दबाव: उत्तर कोरिया परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर लगे वैश्विक प्रतिबंधों की परवाह किए बिना अपनी मारक क्षमता बढ़ा रहा है।
पड़ोसी देशों की प्रतिक्रिया: जापान और दक्षिण कोरिया की बढ़ी चिंता
- जापान: जापानी प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस परीक्षण की कड़ी निंदा की है और इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों का खुला उल्लंघन बताया है।
- दक्षिण कोरिया: सियोल की सेना ने कहा है कि वे उत्तर कोरिया की हर हरकत पर कड़ी नजर रख रहे हैं और किसी भी उकसावे का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
भारत और वैश्विक शांति पर असर
उत्तर कोरिया की बढ़ती सैन्य गतिविधियां हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा पैदा करती हैं। चूंकि भारत इस क्षेत्र में शांति का समर्थक है, इसलिए प्योंगयांग की ये हरकतें नई दिल्ली के लिए भी चिंता का विषय हैं।
प्रस्तुति: जनता मित्र न्यूज़ डेस्क
(सटीक खबरें, सबसे पहले)
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